Anikesh K. Jha

मैं कोई पेशेवर लेखक, कवि, साहित्यकार तो नहीं पर क्षेत्रीयभाषा से प्रेम, खासकर मातृभाषा मैथिली से प्रेम ने लिखने पर मजबूर किया ।