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रजनी की रचनायें

ठेस लगी, प्यार मिला, गम मिला तो क्या हुआ? कभी कहानी, कभी कविता, कभी लेख, कभी आत्मकथा कभी डायरी कभी भविष्यवाणी बनकर जिंदगी की हकीकत सामने आई। 1997 से लिखने की शुरू हुई ये कहानी सांस थम जाये तब तक लिखती रहूँ। मेरी जिन्दगी लेखनी है। हाथ मे है,हाथ मे रहेगी। साथ में है,साथ रहेगी। कभी हसां देगी😊 कभी रुला 😢देगी,कभी जिदंगी जिने की वजह बनेगी। 2.प्यार का एहसास ही काफी है जिन्दगी जीने के लिए, रिस्ता कोई भी हो एहसास का मर जाना ही मौत से बत्तर हैं जिंदगी जीना।3. हमारे लेखनी चलाने का उद्देश्य है पुराने मान्यताओं और आधुनिकता के बीच की कड़ी अपनाकर समाज मेंअपनी संस्कृति का प्रचार- प्रसार करना है।