#यज्ञ

"मैं यज्ञ हूँ...
कभी अंधेरे को चीर, रौशनी के लिए जला
कभी स्वार्थ को कभी त्याग के लिए जला
हम तो मज़बूर बेबश है इतने
कभी अनकही प्यार के लिए जला"
अपने मन के विचार को लिखता हूँ
झूठ नहीं सच लिखता हूँ ।।

मेरे नाम मे ही आग है... इसलिए
मैं जलने के लिए तत्पर रहता हूँ ।।

#यज्ञ "यज्ञदत्त साहू" मेरा नाम है
हूँ Software engineer
हूँ JAVA devloper
Software बनाना मेरा काम है ।।

मेरे मन के कोने में... शायद
छुपा है कोई कलमकार है
बस वो लिखना जनता है
व्याकरण से जिसे न कोई सरोकार है ।।

कुछ बातें है जो मेरे अंतः मन को कचोडती है उसे शब्द देने की प्रयास करता हूँ । प्रयास करता हूँ कि सच लिख सकूँ , प्रयास करता हूँ कि यथार्थ लिख सकूँ ....
शब्द को संजोना सिख रहा हूँ... त्रुटियों के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ |